आखिरकार इमोजी का रंग पीला क्यों होता है। जानिए विस्तार में

इमोजी का रंग आखिरकार पीला क्यों होता है और इसके पीछे क्या साइंस है इसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं। साथ ही साथ आपको यह भी बताने वाले हैं कि क्या हमारे शब्दों से ज्यादा फेस एक्सप्रेशन ज्यादा काम करते हैं या फिर लोगों को अपनी तरफ खींचने का ज्यादा कार्य करते हैं। इन सभी सवालों के जवाब आपको बताने वाले हैं।

अगर हम घर बैठे किसी दूर के आदमी से मैसेज में बात कर रहे हैं और हमारे चेहरे पर सामने वाले का संदेश सुनकर हंसी आ जाती है तो हम यह नहीं लिख कर भेजते हैं कि हमें हंसी आ गई हैं। इसकी जगह हम एक हंसी वाला इमोजी भेज देते हैं।

जाहिर सी बात है कि एक इमोजी के माध्यम से हम अपने सभी शब्दों को दूसरे को समझा देते हैं। अगर हम फेस टू फेस एक दूसरे के सामने खड़े होकर बात करते हैं तो उसका इतना ज्यादा महत्व नहीं होता है जितना हमारे शब्दों के कहने का महत्व होता है।

अगर हम किसी को सिंपल टेक्स्ट लिखकर मैसेज भेजते हैं तो सामने वाले को उसको पढ़ने में मजा नहीं आता है। इसीलिए किसी भी मैसेज को और भी ज्यादा आकर्षित बनाने के लिए इमोजी का इस्तेमाल किया जाता है।

अपनी बात को कम शब्दों में समझाने के लिए इमोजी का इस्तेमाल किया जाता है

आज की तारीख में हम देखते हैं कि हर कोई इमोजी का इस्तेमाल करता है। अगर आप अपनी बातों को कम शब्दों में समझाना चाहते हैं तो आप इमोजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आखिरकार इमोजी का रंग पीला क्यों होता है

अब हम आपको बताने वाले हैं कि अपनी फीलिंग को समझाने के लिए जो हम इमोजी का इस्तेमाल करते हैं
उसका रंग आखिरकार पीला क्यों होता है। बताना चाहते हैं कि हमारे चेहरे का कोई भी एक्सप्रेशन पीला रंग में ज्यादा खिलकर सामने आता है।

अगर हम स्माइली वाले इमोजी को लाल या फिर नीले रंग में देखते हैं तो हमें उतना मजा नहीं आता है। पीला रंग काफी ज्यादा ब्राइट होता है और आपके अंदर ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। यही कारण है कि पीले बैकग्राउंड में किसी भी मूड को अच्छे से समझाया जा सकता है। कम्युनिकेशन को इफेक्टिव बनाने के लिए पूरी दुनिया में धड़ल्ले से इमोजी का इस्तेमाल किया जाता है।

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